by Spritual@we | अक्टूबर 30, 2023 | तीर्थ, मंदिर का अर्थ, माला फेरत जुग भया
ईश्वर क्या है ?सम्पूर्ण संसार या सृष्टि या ब्रह्माण्ड के एक-एक जीव और जड़ से लेकर चेतन तक को नियंत्रित करने वाली शक्ति का नाम ईश्वर है। ईश्वर को हम तरह तरह के नामों से पुकारते हैं सत्य, ज्ञान, भगवान, प्रेम, आनंद इत्यादि।वेद में इसका बहुत सुन्दर निरूपण है।यस्माद्...
by Spritual@we | अक्टूबर 30, 2023 | दीपक जलाने का रहस्य, आरती का अर्थ
दीपक जलाने का रहस्य, आरती का अर्थ:- पुराने समय में, मूर्ति को अँधेरे में रखा जाता था, जिसे गर्भ गृह कहते थे। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद सूर्य निकलने से पहले लोग ध्यान के लिए मन्दिर जाते थे। रूप ध्यान करने के लिए मूर्ति की परिकल्पना की गई थी और आप तभी भगवान की...
by Spritual@we | अक्टूबर 30, 2023 | मंदिर का अर्थ
प्रश्न:- क्या घर के मंदिर में भगवान की ज्यादा बड़ी प्रतिमा स्थापित नहीं करनी चाहिए ?उत्तर:-पहले के समय में घरों में मंदिरों का कोई विधान नहीं था। मन्दिर सदा एक ही स्थान पर बाहर रहते थे। आपने सुना होगा पुराणों इतिहासों में कि अमुक रानी या महारानी या राजकुमारी मन्दिर...
by Spritual@we | अक्टूबर 19, 2023 | मंदिर का अर्थ
मंदिर का अर्थ:- हरि व्यापक सर्वत्र समाना। ईशावास्यमिदं सर्वं। वह सर्वत्र समान रूप से व्याप्त है। ऐसा नहीं है कि उनकी शक्तियाँ या वह कहीं कम, कहीं ज्यादा व्याप्त है। जो भगवान कुत्ते में व्याप्त हैं, वही भगवान समान रूप से हाथी में, चीटीं में, पापी में, पुण्यात्मा में,...